नई दिल्ली. मजबूत लोकपाल की मांग पर अड़े अन्ना हजारे का एक दिन का सांकेतिक अनशन जारी है। जंतर-मंतर स्थित अन्ना हजारे के मंच से लोकपाल पर खुली बहस शुरू हो गई है। अरुण जेटली, शरद यादव, ए बी बर्धन, वृंदा करात, राम गोपाल यादव, सुखदेव सिंह ढींढसा मंच पर मौजूद हैं। इस बहस में राजनीतिक नेताओं को लोकपाल पर जनता के सामने अपना पक्ष रखने और लोगों को उनसे सवाल करने का मौका मिलेगा। टीम अन्ना ने कांग्रेस को भी इस बहस में शामिल होने का न्यौता दिया था लेकिन कांग्रेस ने मना कर दिया।
जंतर-मंतर स्थित मंच पर पहुंचने के बाद अन्ना ने सबसे पहले हाथ हिलाकर अपने समर्थकों का अभिवादन किया और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए। जंतर-मंतर के मंच पर अन्ना के साथ चार और लोग अनशन पर बैठे हैं। इनमें अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसौदिया, कुमार विश्वास और संजय सिंह शामिल हैं। अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस और राहुल गांधी को निशाने पर लिया (विस्तार से पढ़ने के लिए रिलेटेड लिंक पर क्लिक करें)। टीम अन्ना की सदस्य किरण बेदी के अलावा शांति भूषण, प्रशांत भूषण, शमून काजमी और संजय सिंह और मेधा पाटेकर ने भी मंच से लोगों को संबोधित किया।
अन्ना हजारे ने देशवासियों से अनशन की अपील की है। उनकी अपील पर दिल्ली से लेकर मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ, चंडीगढ़, हैदराबाद, भोपाल, पुणे, अहमदाबाद, बैंगलोर समेत और कई शहरों में अन्ना समर्थकों का धरना जारी है। मुंबई में टैक्सीवालों ने अन्ना के समर्थन में उतरने का ऐलान किया है।
'आधे घंटे का मौन-ध्यान'
इससे पहले अन्ना हजारे रविवार सुबह महाराष्ट्र सदन से सीधे राजघाट पहुंचे। अन्ना ने बापू की समाधि पर मत्था टेका। अन्ना समाधि के समीप करीब आधे घंटे तक मौन-ध्यान पर भी बैठे। राजघाट पर अन्ना के साथ उनकी टीम के कुछ सदस्य भी मौजूद रहे। जंतर-मंतर पर अन्ना समर्थकों का जुटना शुरू हो गया है। 128 लाउड स्पीकरों के इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। करीब एक हजार कांस्टेबल तैनात किए हैं।
अन्ना हजारे ने सरकार पर देश को धोखा देने का आरोप लगाया है। अन्ना ने कहा कि अगर 22 दिसंबर तक उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे 27 दिसंबर से आंदोलन करेंगे। अन्ना ने कहा कि वे 27 दिसंबर से आंदोलन शुरू करेंगे और अगले दो साल यानी लोकसभा चुनाव तक इसे जारी रखेंगे। सरकार के लोकपाल विधेयक के विरोध में अन्ना ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘पूरे देश को धोखा दिया गया है। हमें लगता है कि इसके पीछे राहुल गांधी का हाथ है।’
जंतर-मंतर स्थित मंच पर पहुंचने के बाद अन्ना ने सबसे पहले हाथ हिलाकर अपने समर्थकों का अभिवादन किया और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए। जंतर-मंतर के मंच पर अन्ना के साथ चार और लोग अनशन पर बैठे हैं। इनमें अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसौदिया, कुमार विश्वास और संजय सिंह शामिल हैं। अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस और राहुल गांधी को निशाने पर लिया (विस्तार से पढ़ने के लिए रिलेटेड लिंक पर क्लिक करें)। टीम अन्ना की सदस्य किरण बेदी के अलावा शांति भूषण, प्रशांत भूषण, शमून काजमी और संजय सिंह और मेधा पाटेकर ने भी मंच से लोगों को संबोधित किया।
अन्ना हजारे ने देशवासियों से अनशन की अपील की है। उनकी अपील पर दिल्ली से लेकर मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ, चंडीगढ़, हैदराबाद, भोपाल, पुणे, अहमदाबाद, बैंगलोर समेत और कई शहरों में अन्ना समर्थकों का धरना जारी है। मुंबई में टैक्सीवालों ने अन्ना के समर्थन में उतरने का ऐलान किया है।
'आधे घंटे का मौन-ध्यान'
इससे पहले अन्ना हजारे रविवार सुबह महाराष्ट्र सदन से सीधे राजघाट पहुंचे। अन्ना ने बापू की समाधि पर मत्था टेका। अन्ना समाधि के समीप करीब आधे घंटे तक मौन-ध्यान पर भी बैठे। राजघाट पर अन्ना के साथ उनकी टीम के कुछ सदस्य भी मौजूद रहे। जंतर-मंतर पर अन्ना समर्थकों का जुटना शुरू हो गया है। 128 लाउड स्पीकरों के इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। करीब एक हजार कांस्टेबल तैनात किए हैं।
अन्ना हजारे ने सरकार पर देश को धोखा देने का आरोप लगाया है। अन्ना ने कहा कि अगर 22 दिसंबर तक उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे 27 दिसंबर से आंदोलन करेंगे। अन्ना ने कहा कि वे 27 दिसंबर से आंदोलन शुरू करेंगे और अगले दो साल यानी लोकसभा चुनाव तक इसे जारी रखेंगे। सरकार के लोकपाल विधेयक के विरोध में अन्ना ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘पूरे देश को धोखा दिया गया है। हमें लगता है कि इसके पीछे राहुल गांधी का हाथ है।’
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