Saturday, 10 December 2011

स्वामी के लेख से क्षुब्ध हावर्ड ने उनका पाठ्यक्रम हटाया



 
न्यूयॉर्क. अमेरिका के हार्वर्ड विश्वविद्यालय ने भारत में इस्लामिक आतंकवाद पर जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी के एक लेख को निन्दनीय और हिकारत भरा बताते हुए विश्वविद्यालय के पाठच्यक्रम से उन दो पाठ्यक्रमों को हटा दिया है जिन्हें श्री स्वामी पढ़ाते थे।

हार्वर्ड के कला एवं विज्ञान संकाय के फैकल्टी सदस्यों की बैठक में स्वामी द्वारा हार्वर्ड के तीन माह के ग्रीष्मकालीन सत्न में पढ़ाये जाने वाले पाठ्यक्रमों क्वांटिटेटिव मेथड्स इन इकोनोमिक्स ऐंड बिजनेस और इकोनामिक्स डेवलपमेंट इन इंडिया ऐंड ईस्ट एशिया को हटाने के लिए बड़े बहुमत के साथ वोट दिया।

हार्वर्ड क्रिम्सन ने बताया कि वर्ष 2012 के ग्रीष्मकालीन पाठ्य क्रम की सूची को मंजूरी देने के लिए संकाय की बैठक बुलायी गयी थी। बैठक में उस समय गरमा-गरम बहस शुरू हो गयी जब तुलनात्मक धर्म की प्रोफेसर डायना एक्क ने डा. स्वामी के पाठ्यक्रम को सूची से निकालने के लिए संशोधन का प्रस्ताव रखा।

डॉ. स्वामी ने भारत में लिखे अपने विवादास्पद लेख में कहा था कि सैकड़ों मस्जिदों को ढहा देना चाहिए तथा भारत में उन्हीं मुसलमानों को मताधिकार दिया जाना चाहिए जो यह स्वीकार करते हैं कि उनके पूर्वज हिंदू थे।

एक्क ने कहा कि स्वामी ने एक समूचे धार्मिक समुदाय के लिए घृणा फैलाने में सारी हदें पार कर दी हैं और उनके पवित्न स्थलों के लिए हिंसा भड़काने का काम किया है। उन्होंने कहा कि हार्वर्ड की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वह ऐसे किसी व्यक्ति के साथ जुड़ाव न रखे जो अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ घृणा व्यक्त करता हो।

उन्होंने कहा कि अलोकप्रिय और स्वागत योग्य न होने वाले राजनीतिक विचारों में फर्क है।

इससे पहले हार्वर्ड ने अभियव्यक्ति की स्वतंत्नता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए डॉ. स्वामी का पक्ष लिया था लेकिन 400 से भी ज्यादा विद्यार्थियों ने भारतीय नेता को हटाने के लिए हस्ताक्षरित याचिका दी थी।
 

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